आज के समय में इंसान सारा दिन कामों में व्यस्त रहता है। अगर उसके बाद कुछ समय बच जाता है, तो वह उसे मोबाईल और टीवी देखने में निकाल देते है। जिससे वह जो शरीर के लिए जो जरुरी है जैसे व्यायाम,कसरत और वाक् आदि के लिए समय नही निकाल पाता है।

जिससे शरीर के अंदर की कैलोरी कम नही हो पाती है। जिससे शरीर में मोटापा बढ़ने लगता है। इसके अलावा भी अगर शरीर में सही तरीके से न्यूट्रेन नहीं मिलता तो भी मोटापा होने लगता है।अधिक मोटापे होने पर व्यक्ति की कार्य छमता धीमी हो जाती है।
व्यक्ति के अधिक तनाव में होने से भी मोटापा होने लगता है। शरीर के लिए अधिक मोटापा अच्छा नहीं होता है। मोटापा बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार के रोगो का भी समावेश हो जाता है। अगर बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की बात करे तो 25 से अधिक BMI को अधिक वजन तथा 30 से अधिक को अधिक मोटापा माना जाता है।

अगर आकड़ों पर बात की जाए तो बीमारी के वैश्विक बोझ के अनुसार 2017 में अधिक वजन या मोटापे के परिणामस्वरूप हर साल 4 मिलियन से अधिक लोगों की मौत के साथ यह मुद्दा महामारी के अनुपात में तेजी से बढ़ गया है। आइएं जानते है वजन कम कैसे करें (vajan kaise kam Karen)

मोटापा क्या होता है? (Obesity meaning in hindi)

Obesity meaning in hindi

आज के समय में मोटापा एक बहुत बड़ी बीमारी बन चुका है। यह एक ऐसी समस्या है जिससे इतनी आसानी से छुटकारा मिल पाना मुश्किल है। कुछ लोग तो मोटापे के इतना शिकार हो जाते है, कि चलना, उठना और बैठना सब दुर्लभ हो जाता है। मोटापा कुपोषण के दोहरे बोझ का एक पक्ष है, और आज उप-सहारा अफ्रीका और एशिया को छोड़कर हर क्षेत्र में अधिक लोग कम वजन से अधिक मोटे हैं।

कभी केवल उच्च आय वाले देशों में एक समस्या मानी जाती थी, अधिक वजन और मोटापा अब निम्न और मध्यम आय वाले देशों में नाटकीय रूप से बढ़ रहा है, खासकर शहरी सेटिंग्स में। अधिक वजन वाले या मोटे बच्चों का विशाल बहुमत विकासशील देशों में रहता है, जहां वृद्धि की दर विकसित देशों की तुलना में 30% से अधिक रही है। इसके साथ ही रोज की कैलोरी को अगर आप खत्म नही कर पाते है तो वह शरीर में फैट के रुप में जमा हो जाता है। जो शरीर में वजन बढ़ने का कारण बनता है।

मोटापे से होने वाली बीमारियों के नाम (Associated diseases with obesity)

Associated diseases with obesity

  1. हाइपरटेंशन की समस्या
  2. आंतों के अंदर समस्या
  3. हृदय रोग की समस्या
  4. मानसिक तनाव
  5. डायबिटीज की समस्या
  6. उच्च रक्तचाप
  7. स्लीप एपनिया
  8. कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना
  9. कैसरा का खतरा
  10. लकवा

महिलाओं में मोटापा होने के 3 कारण (3 Reasons for Obesity in Women)

मोटापा की समस्या आज के समय में आम बात है चाहें वह पुरुष हो महिला हो या कोई और अधिकतम लोग इस समस्या से जूझ रहे है। आइएं जानते है महिलाओं में मोटापा होने के वह 3 कारण कौन-कौन से है।

थायराइड की समस्या (Thyroid problem)

Thyroid problem

महिलाओं में वजन बढ़ने का मुख्य कारण होता है हार्मोन का असंतिलुत होना। थायराइड आज के समय में महिलाओं के आम बीमारी बन गया है। अगर आपका वजन अचानक बढ़ने लगे तो आप इसे नजरअंदाज न करें। इसकी तुरंत जांच कराये। यह होने वाली थायराइड बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इसलिए अगर शरीर में जब भी इस प्रकार कोई हलचल हो तुरंत चेक कराकर इलाज शुरु करे वरना यह घातक हो सकता है।

जंक फूड का सेवन करना (Consuming junk food)

Consuming junk food

बदलती लाइफस्टाइल में आज के समय में लोग इसका सेवन अधिक मात्रा में करने लगे है। लेकिन क्या आपको पता है जिस जंक फूड का आप इस्तेमाल आप बड़े ही चाव से कर रहे है, उसमें बहुत से ऐसे हानिकारक तत्व मौजूद होते है जो आपके वजन को बढ़ाने मे सहायक होते है। महिलाएं को भी इसका सेवन करना अधिक पसंद है। जिसके कारण उनका वजन बढ़ने लगता है और सेहत भी खराब हो जाता है । इसलिए महिलाओं को जंकफूड का सेवन नहीं करना चाहिए|

स्मोंकिंग करना (Smoking)

Smoking

कुछ महिलाओं को स्मोंकिंग की आदत हो जाती है। वैसे तो इस बात से सभी अवगत है कि स्मोकिंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसके बावजूद भी बड़ी मात्रा में लोग इसका सेवन कर रहे है। अल्कोहल से लिक्विड कैलोरी से वजन बढ़ता है और साथ ही कई और बीमारियां भी लग जाती हैं। साथ एल्कोहल एथलेटिक प्रदर्शन को कम करता है क्योंकि यह चयापचय प्रक्रियाओं को खराब करता है। व्यायाम के दौरान ऊर्जा की आपूर्ति को प्रभावित करता है। Smoking से भूख ज्यादा लगती है। जो ज्यादा वजन बढ़ने की वजह भी है।

बच्चों में मोटापा के 3 कारण (3 Reasons for Obesity in Children)

हमेशा बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए प्रोटीनयुक्त आहार देने की सलाह दी जाती है। ताकि बच्चा हमेशा स्वस्थ्य ,तंदुरुसत और फुर्तिला रह सके। लेकिन आज के समय में बच्चें इसके बजाए फास्ट फूड चायनीज, नूडल्स और चीनी वाले पेय पदार्थ, सॉफ्ट ड्रिंक्स, स्नैक्स, मिठाई आदि का सेवन ज्यादा करने लगे है। जो मोटापा को बढ़ाने में सहायक है। आइएं जानते है बच्चों में मोटापा के वह 3 कारण कौन से है।

खानपान का ध्यान न रखना (No proper diet-chart)

No proper diet-chart

आज के समय में बच्चों को पौष्टिक भोजन करना अच्छा नही लगता है। बच्चे सबसे ज्यादा फास्ट फूड खाने पर जोर दे रहे है। इस तरह के खानपान से मोटापा तेजी से उनकी शरीर को प्रभावित कर रहा है।

शारीरिक गतिविधियों में रुची न होना (Lack of interest in physical activity)

Lack of interest in physical activity

कुछ बच्चें ऐसे होते है जिनको खेलना कूदना पसंद नही होता है। वह दिनभर घरों मे रहना ही पसंद करते है। ऐसे बच्चों में शारीरिक गतिविधियों में रुची न के बराबर दिखाई देती है। जो उनके शरीर में मोटापा का कारण बनती है।

बच्चों का जिद्दी होना (Stubbornness of children)

Stubbornness of children

आज के समय में बच्चें छोटे से ही जिद्दी होते है।जो चीज उन्हें चाहिए हर हाल में माता-पिता को देना पड़ता है। यही नही माता-पिता को उनके आगे विवश भी होना पड़ता है उनकी बातों को मानने के लिए। ऐसे में बच्चे अधिकतर समय टीवी और विडियो गेम के साथ गुजारते हैं और कोई काम नहीं करते हैं। जिसके चलते शारीरिक गतिविधि नहीं हो पाती है और मोटापा बढ़ने लगता है।

पुरुषों में मोटापा के 3 कारण (3 Causes of Obesity in Men)

अधिक खाना (Overeating)

Overeating

क्या आपको पता है कि अगर आपके आहार में वसा की मात्रा ज्यादा है तो भी आपका वजन बढ़ सकता है। वसा या चीनी में उच्च खाद्य पदार्थ जैसे  फास्ट फूड, तला हुआ भोजन और मिठाई में उच्च ऊर्जा घनत्व होता है (ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती है)। महामारी विज्ञान के अध्ययनों से पता चला है कि वसा में उच्च आहार वजन बढ़ाने में योगदान देता है।

कम व्यायाम करना (Exercise less)

Exercise less

आज के भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास खुद के शरीर को सही रखने के लिए व्यायाम या कसरत करने का भी वक्त नही है। कम व्यायाम करना स्थिर जीवन –यापन मोटापे का प्रमुख कारण है।

मानसिक तनाव (Mental stress)

Mental stress

असंतुलित व्यवहार औऱ मानसिक तनाव की वजह से लोग ज्यादा भोजन करने लगते हैं, जो मोटापे का कारण बनता है।

मोटापे के 5 लक्षण (Symptoms of Obesity)

Symptoms of Obesity

  1. थकावट होना
  2. थायराइट की समस्या
  3. सांस फूलना
  4. अधिक पसीना आना
  5. पीठ और जोड़ो में दर्द

मोटापा कम करने का रामबाण उपाय (Weight Loss in Hindi)

मोटापे को लेकर अगर आप भी परेशान है तो अब आपको परेशान होने की कोई जरुरत नही है। क्योंकि आज हम आपको बताने जा रहे है वह घरेलू नुस्ख़े जो मोटापे को कम करने में रामबाण साबित होंगें आइएं जानते है। आइये जानते हैं मोटापा कैसे कम करें

तनाव मुक्त रहना (Remain Stress-free)

Remain Stress-free

आज के समय में तनाव बेहद आम हो गया है। ऐसा लग रहा है कि हर इंसान लाखों काम के साथ एक जगह से दुसरी जगह भाग रहा है। इन सब में इंसान एक बात का ध्यान रखना भूल जाता है,कि काम और उम्र दोनो महत्वपूर्ण है। इसका इतना उपयोभ न करे कि आप जीवन के कुछ सूखों का आनंद लेना ही भूल जाएं। एक शोध में यह पता चला है कि तनावग्रस्त व्यक्ति को आराम करने वाले व्यक्ति की तुलना में वजन कम करने में अधिक कठिनाई होती है।

इसका सबसे अच्छा उपाय है ध्यान और श्वासों का नियमित रुप से अभ्यास करना। अगर आप इसका इस्तेमाल करते है तो आपका मन शांत रहेगा साथ ही वजन घटाने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा अपने तनाव और तनाव को दूर करने का एक और तरीका है कि परिवार के साथ बाहर या छुट्टी की योजना बनाई जाए। हर साल ये ब्रेक लें, क्योंकि ये आपको तरोताजा और खुश महसूस कराएंगे।

कच्चा लहसुन चबाएं (Chew Raw Garlic)

Chew Raw Garlic

जैसा कि आपको पहले ही ज्ञात होगा कि लहसुन में एंटीसेप्टिक गुण मौजूद होते है। भारत के हर रसोई में इसका इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप हर रोज सुबह लहसुन की दो या दो से अधिक कलियों को चबाते है तो यह आपके वजन को कम करने में कारगार साबित हो सकता है। ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल इसलिए नही करते है कि स्वाद में यह तीखा और गंधयुक्त होता है। लेकिन फिर भी आप इसका इस्तेमाल करे। एक बात का ख्याल जरुर रखे कि लहसुन खाने के बाद अपने दांतों को अच्छी तरह से ब्रश जरुर करे। क्योंकि कच्चे लहसुन की गंध पूरे दिन आपके मुंह के अंदर रह सकती है।

दालचीनी और शहद की चाय का सेवन (Cinnamon and Honey Consumption)

Cinnamon and Honey Consumption

दालचीनी जैसा की आपको नाम से भी ज्ञात होगा की यह आपको सुना-सुना सा नाम लग रहा है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल भारतीय व्यंजनों में मसाले के रुप मे किया जाता है। यह स्वाद में मीठा और नमकीन दोनों स्वाद में होता है। शायद आपको यह न पता हो की दालचीनी वजन कम करने में भी सहायक होता है।

मसाला आंतरिक गुणों के साथ आता है जो चीनी की लालसा को कम करता है और रक्त में इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। अगर आप इसका इस्तेमाल चाय के रुप में करना चाहते है तो शहद और दालचीनी को एक ग्लास गर्म पानी डाल दे ।याद रहे शहद की मात्रा एक चम्मच और दालचीनी की 2 छड़े डाले। इसके बाद उसे अच्छे से मिला ले। फिर उसे छानकर पी लें।आपको वजन घटाने में यह अदभुत काम करेगा।

शहद के साथ नींबू पानी का सेवन करें (Drink lemonade with honey)

Drink lemonade with honey

शहद और नींबू भारतीय रसोई में आसानी से पाया जाने वाला दो आम तत्व है। रोजाना 1 ग्लास नींबू पानी में 2 चम्मच शहद मिलाकर पी लें। यह पेट कम करने का सहज उपाय है (Pet kam Karne ka Behtrin Upay Hai)  शहद औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है और नींबू पाचन तंत्र को डिटॉक्स करने में मदद करता है। ये सभी शरीर को अतिरिक्त वसा को छोड़ने में मदद करते हैं। इसका  प्रभाव आपको कुछ ही हफ्तों में दिखाई देने लगते हैं। यह घर पर वजन घटाने के सबसे आसान उपायों में से एक है।

पत्तागोभी का सेवन करें (Intake of Cabbage)

Intake of Cabbage

मोटापा को कम करने के लिए पत्ता गोभी का सेवन भी फायदेंमंद होता है। आप इस घरेलू नुस्खें का इस्तेमाल करके भी मोटापे को कम कर सकते है। भारत के हर रसोईघर में पत्ता गोभी को आसानी से पाया जा सकता है। दरअसल, पत्ता गोभी के सूप को वजन कम करने के लिए उपयोगी माना जा सकता है।

वहीं एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में, फाइबर को वजन कम या संतुलित करने के लिए उपयोगी पाया गया है। दरअसल, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन भूख को लंबे समय तक शांत रख सकता है। इन्हीं, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों में एक नाम पत्ता गोभी का भी है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि पत्ता गोभी को डाइट में शामिल करके वजन कम या संतुलित किया जा सकता है।

पेट की चर्बी कैसे घटाएं (How to reduce belly fat)

अगर पेट में चर्बी हो तो आपको कई तरह की बीमारियां हो सकती है| बहुत से अच्छे डॉक्टर्स का कहना है कि मात्र एक महीने में हम पेट कि चर्बी 4 इंच तक कम कर सकते हैं| जरुरत है अनुसासन कि और सही खानपान कि |

  1. चीनी और जंक फूड्स का कम सेवन करें | आर्टीफीशियली फ्लेवर्ड जूस को भी अवॉयड करें |
  2. कार्बोहाइड्रेट्स कम लें। इसीलिए आपने देखा होगा कि जो लोग डाइटिंग पे होते हैं वो चावल कम खातें हैं|
  3. हरी सब्ज़ियां और सलाद ज्यादा खाएं। इसमें प्रोटीन्स, विटामिन्स और मिनरल्स कि मात्रा ज्यादा होती है।
  4. बहुत से लोग कम खाने के चक्कर में ब्रेकफास्ट नहीं करते। ऐसा ना करें। ब्रेकफास्ट जरूर करें।
  5. छाछ लें। इससे आपका पाचन तंत्र ठीक रहता है। साबुत अनाज, फलियां, पत्ता गोभी, मटर, राजमा जैसी चीजों में फाइबर कि मात्रा होती है। इसे जरूर लें और ये आपके शरीर में फैट जमा नहीं होने देगा|

वैसे यह बात समझ लीजिएं की मोटापा बीमारी नही है। लेकिन यह बहुत सारी बीमारियों को आपके शरीर में जन्म दे सकता है। अगर आप इससे बचना चाहते है तो आप दिनचर्या,खानपान और शारीरिक गतिविधियों को करके इससे दूर रह सकते है। आज के इस लेख में आपको मोटापे से जुड़ी वह सारी पहलुओं को बताया गया, जिसको आपना कर आप राहत पा सकते हैं।

Author name

Aditya Raj

Bio details

As a health and wellness writer, Aditya focuses on providing accurate information about nutritional supplements and their benefits. His fields of interest include football, field hockey, cooking,and mental health.