समान्यतौर पर आज के समय में कमर दर्द (kamar dard) की समस्या आम कारण बन गया है ।अगर आप भी इससे परेशान है तो यह सिर्फ आपके शरीर को नही बल्कि आपके कामकाज को भी प्रभावित करता है । इसके लिए किसी उम्र की सीमा नही है। अगर सीधे लहजें में कहा जाए तो यह किसी भी उम्र के लोगो को हो सकता है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाती है, इसका प्रभाव भी बढ़ता जाता है।

आज की भाग दौड़ की जिंदगी में पीठ दर्द होना एक आम समस्या है। पीठ दर्द के कई कारण है जैसे सर्जिकल डिलेवरी, गलत तरीके से सोना या उठना-बैठना आदि। विशेष रुप से महिलाओं में यह ऊंची हील सैंडिंल पहनने से कमर दर्द के होने की संभावना रहती हैं। वैसे तो पीठ दर्द के लिए एलोपैथी जैसे इलाज उपलब्ध है, लेकिन आयुर्वेदिक चिकित्सा में पीठ दर्द का स्थायी इलाज मौजूद है। आयुर्वेद के हिसाब से कमर दर्द (kamar dard) का मुख्य कारण कब्ज है, जिसे आयुर्वेदिक इलाज से आसानी से ठीक किया जा सकता है। आइएं जानते है कमर दर्द से जुड़ी कुछ खास बातें।

कमर दर्द क्या है? (What is Back Pain?)

What is Back Pain

अक्सर कमर दर्द को पीठ दर्द के नाम से भी जाना जाता है। जब इंसान के पीठ के ऊपरी और निचले हिस्से में खिंचाव महसूस होता है ,उसे कमर या पीठ दर्द कहा जाता है। अगर आप आराम या एक्सरसाइज़ करते है तो इससे राहत पाया जा सकता है।

यह लंबे समय तक बैठने, खराब मुद्रा, बिना एहतियात लिए भारी वजन उठाने या चोट के परिणामस्वरूप हो सकता है। उम्र भी एक अहम वजह है। पीठ या डिजेरेटिव डिस्क के कमजोर होने के कारण उम्र बढ़ने के साथ पीठ में दर्द होने लगता है। पीठ दर्द खुद ही किसी समस्या या किसी अन्य बीमारी का लक्षण हो सकता है। इसके इलाज हेतु दर्द की पहचान करना महत्वपूर्ण है।

कमर दर्द के प्रकार (Types of Back Pain)

Types of Back Pain

कमर दर्द को मुख्य रूप से चार भागों में बांटा जा सकता है। जिसके बारे में हम नीचे हम आपको जानकारी दे रहे हैं। आइएं जानते है कमर दर्द के चारों प्रकार को।

  1. संक्रामक
  2. ऑन्कोलॉजिक
  3. इन्फ्लेमेटरी
  4. मैकेनिकल

महिलाओं में पीठ या कमर दर्द के 10 बड़े कारण (Kamar Dard ke Karan)

पीठ दर्द के कई कारण है। पीठ दर्द अब तक लोगों के लिए सबसे आम स्वास्थ्य समस्या है जो मुख्य रूप से गलत मुद्रा और खराब जीवन शैली के कारण होता है।बुज़ुर्ग लोगों में पीठ दर्द आम है। महिलाओं मे विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं में पुरुषों की तुलना में पीठ में दर्द की संभावना अधिक होती है। अक्सर समस्या की गंभीरता की अनदेखी और उचित पीठ दर्द उपचार की कमी दर्द को बढ़ाती है और परिणामस्वरूप गंभीर समस्या बन जाती है। आइएं जानते है पीठ दर्द के 10 बड़े कारण के बारे में।

1. स्पाइनल स्टेनोसिस  (Spinal Stenosis)

Spinal Stenosis

यह सामान्य तौर पर रीढ़ की हड्डी होती है। यह रीढं से जुड़ी समस्याओं के विपरीत आता है। धीरे-धीरे यह खराब भी हो जाता है। कभी –कभी यह बहुत ज्यादा ही दर्द करने लगता है। स्पाइनल स्टेनोसिस का इलाज आमतौर पर कोमल व्यायाम और गतिविधि में बदलाव के संयोजन से किया जाता है। आप देख सकते हैं कि स्पाइनल स्टेनोसिस के कुछ लक्षणों को बैठने या लेटने, आगे की ओर मुड़ी हुई स्थिति बनाए रखने, या स्पाइनल स्टेनोसिस के लक्षणों को लाने वाली कुछ गतिविधियों से बचने से राहत मिल सकती है। गंभीर मामलों में, दर्द से निपटने और असुविधा को कम करने के लिए स्पाइनल एपिड्यूरल इंजेक्शन का उपयोग किया जा सकता है।

2. खिंचाव (Stress)

Stress

अगर कोई नस खींच जाती है तो आपको उस जगह पर तनाव हो सकता है। और यह कमर दर्द का कारण भी बन सकता है। इससे निजात पाने के लिए पैरों के निचे तकिये रख कर सोएं जिस जगह पर दर्द हो रहा है, वहाँ पर मालिश करें, फिर आपको जल्द राहत मिलेगी। अगर आप दिन भर में 15 मिनट तक 3 बार  बर्फ की सिकाई करेंगे, तो आपको काफी राहत मिलेगी|

3. गठिया (Gout)

Gout

जब खून में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है तब यह बीमारी होती है। शरीर में इसकी मात्रा बढ़ जाने पर यूरिक एसिड के क्रिस्टल बनने लगते हैं और शरीर में हड्डियों के जोड़ों में जम जाते हैं हिंदी में इसे वातरक्त भी कहा जाता है। मुख्य रुप से अगर देखा जाए तो यह शरीर में हड्डियों के जोड़ों को प्रभावित करता है।

हाइपरटेंशन, कार्डियोवैस्कुलर और मोटापा गठिया का जोखिम बढ़ाने वाले मुख्य कारक हैं। अगर समस्या की जद बढ़ जाती है तो आपके लिए गंभीर स्थिति बन सकती है। इसलिए इसका समय रहते इलाज जरूरी है। इसके भी कुछ लक्षण होते हैं, जिसे ध्यान देने पर आप इसकी शुरूआती स्थिति को समझ सकते हैं।

4. किडनी की समस्या (Kidney Problems)

Kidney Problems

आप दो किडनी के साथ पैदा हुए है। जो आपकी रीढ़ के दोनो ओर और आपकी कमर के ठीक ऊपर है। अगर आपकी किडनी खराब हो जाती है तो आपके शरीर में अपशिष्ट उत्पाद और तरल पदार्थ जमा हो सकते हैं। जिसकी वजह से आपको विभिन्न प्रकार की बीमारियों का सामना जैसे- सूजन, जी मिचलाना, कमजोरी, खराब नींद और सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है। बिना इलाज के क्षति खराब हो सकती है, और आपके गुर्दे अंततः काम करना बंद कर सकते हैं। यह गंभीर है और यह जीवन के लिए खतरा हो सकता है।

5. एक्सराइज़ न करना (No Exercise)

No Exercise

अगर आप पीठ दर्द से परेशान है तो व्यायाम इसके लिए लाभकारी हो सकता है। व्यायाम पीठ के निचले हिस्से में होने वाले दर्द के लिए ज्यादा लाभकारी है। अगर आप दिनभर काम करते है और ऊपर से अगर शरीर के किसी हिस्से में दर्द होने लगे तो वह बदतर हालात बना देती है।

दर्द के कारण हम शरीर को हिलाने-डुलाने में सक्षम नहीं होते हैं। एक संपूर्ण व्यायाम कार्यक्रम में पीठ और शरीर की स्ट्रेचिंग, मजबूती और एरोबिक कंडीशनिंग शामिल है। यह व्यायाम आपके शरीर के उचित उपचार के लिए महत्वपूर्ण हैं। स्ट्रेचिंग व्यायाम आपकी रीढ़ की गतिशीलता को बहाल करने में मदद करते हैं, क्योंकि दर्द और सुरक्षात्मक ऐंठन के साथ रीढ़ कठोर हो जाती है।

7. सही तरीके से न बैठना (Sit Proper)

Sit Proper

अक्सर हम काम करते वक्त, टीवी देखते वक्त, गेम खेलते वक्त अपने बैठने के तरीके को हर वक्त बदलते रहते है, जो हमारे शरीर में होने वाली समस्या का कारण बनता है। सही तरीके से न बैठना भी कमर दर्द के कई कारणों मे से एक है।

8. गर्भावस्था (Pregnancy)

Pregnancy

इस दौरान महिलाओं में कमर दर्द होना काफी नार्मल है। इतना ही नही पीठ और पीठ के निचलें भाग में हमेशा दर्द महसूस होता है। प्रेग्नेंसी भी पीठ दर्द के कारण में से एक है, इस दौरान शरीर में कई तरह के हॉर्मोनल बदलाव होते हैं जिसकी वजह से शुरूआती दौर में महिलाओं को पीठ दर्द की शिकायत रहती है।

9. अधिक वजन का होना (Excess Weight)

Excess Weight

अधिक वजन का होना या मोटापा भी कमर दर्द का कारण है। जब शरीर में वसा अधिक मात्रा में जमा हो जाता है,तब मोटापे की शिकायत होती है। चूंकि मोटापे से शरीर भारी हो जाता है,इसलिए कमर दर्द की समस्या उत्पन हो जाती है। इसके अलावा ऑस्टियोमायलाइटिस जैसे रीढ़ की हड्डी में होने वाला इन्फेक्शन भी दर्द की वजह से पीड़ित व्यक्ति का उठना बैठना मुश्किल कर देता है।

10. तनाव (Stress)

Stress

तनाव भी कमर दर्द के मुख्य कारणों में से एक है। जो व्यक्ति तनाव में होता है उसकी मांसपेशियां अकड़ जाती है। जिसका असर पीठ की मांसपेशियों पर पड़ता है। मांसपेशियों में अकड़ ही पीठ दर्द का कारण बनता है।

कमर दर्द से राहत के लिए रामबाण इलाज (Kamar Dard ka Ilaj)

1. हल्दी (Turmeric)

Turmeric

आमतौर पर इसका प्रयोग खून के रिसाव को रोकने या चोट को ठीक करने के लिए किया जाता है। कभी-कभी हाथों और पैरों में दर्द से राहत पाने के लिए भी दूध में हल्दी को मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी में एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुण होते हैं, वहीं दूध में मौजूद कैल्शियम हल्दी के साथ मिलकर शरीर को फायदा पहुंचाता है। एक ग्लास गर्म दूध मे आधा या एक चम्मच हल्दी को आपस में मिलाकर सेवन करने से इसका फायदा आपको मिल सकता है।

2. गर्म पानी से नहाएं (Bath with hot water)

Bath with hot water

वैसे माना जाता है कि अगर आप गर्म पानी के साथ स्नान कर रहे है तो यह दिनभर की थकान को दूर करने में फायदेंमंद होता है। केवल सर्दियों में ही नहीं बल्कि अगर गर्मियों में भी हॉट शावर लिया जाए तो इसके भी कई फायदे हैं। ऐसा करने से आप खुद को बहुत रिलेक्स्ड और यंग फील करेंगे। लेकिन तापमान को देखते हुए लोग सर्दियों में ही गर्म पानी से नहाना बेहतर समझते हैं। अगर आप दिन में एक बार गुनगुने पानी से नहाते है और दर्दनिवारक बाम का इस्तेमाल करते है तो इससे आपको लाभ अवश्य मिलेगा।

3. सेंधा नमक (Rock Salt)

Rock Salt

इसके अंदर रासायनिक नाम सोडियम क्लोराइड पाया जाता है। यह रंगहीन या सफेद होता है। हालांकि इसमें मौजूद अशुद्धियों के कारण यह हल्के नीले, गहरे नीले, नारंगी या पीले रंग का भी हो सकता है। इस प्रकार आप एक या दो चम्मच सेंधा नमक को एक बाल्टी पानी में मिलाएं उसके बाद नहाएं। इससे आपको काफी आराम मिलेगा।

4. अदरक (Ginger)

Ginger

अदरक के एक या दो छोटे टुकड़े को गर्म पानी में डुबोकर रखें। फिर उसमें शहद मिलाकर उसका सेवन करे। उसके साथ ही अदरक के तेल से पीठ की मालिश भी करा सकते हैं। इससे आपको काफी राहत मिलेगा।

5. तुलसी के पत्तें (Basil Leaves)

Basil Leaves

4 से 5 तुलसी के पत्ते को गर्म पानी में 10 मिनट तक डुबोंकर रखें। फिर उसमें शहद को मिलाकर इसका सेवन करें। आप रोज 2 बार इसका सेवन कर सकते हैं। इससे आपको तत्काल लाभ मिलेगा।

वैसे यह बात समझ लीजिये की कमर दर्द से आप अगर राहत पाना चाहते है तो इस ब्लॉग को पढ़कर के आप इसे अपने जीवन में इस्तेमाल कर सकते है। कमर दर्द से जुड़ी जो भी बाते बताई गई है, अगर आप उसे अपने जीवन मे उतारते है तो तत्काल आप इससे राहत भी पा सकते हैं।